
अन्य सामाजिक संस्थाओं की लीक से हटकर, भारतीय वैश्य संगम, वैश्य समाज की शक्ति, खूबियों एवं कुछ कमियों के प्रति विवेकशील, कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार है। भारत एक महान प्राचीन परम्पराओं एवं संस्कृति का देश है। इसका भविष्य उज्जवल है। इस प्राचीनतम सभ्यता में वैश्य समाज का सदैव अमूल्य योगदान रहा है और भविष्य में भी इस महान देश की प्रगति एवं उन्नति में वैश्य समुदाय सराहनीय कार्य करता रहेगा। इसके अनेक सपूतों एवं बेटियों ने हमारी मातृभूमि को अनुकरणीय कार्यों से गौरवान्वित किया है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, देश की पहली राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के मार्गदर्शक एवं पुरोधा थे, जिन्होंने विदेशी शासकों की सदियों की गुलामी से मुक्त कराकर एक स्वाभिमानी एवं स्वतंत्र देश पुनःस्थापित किया। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में डॉ० राम मनोहर लोहिया के योगदान को आने वाली पीढ़ी एक प्रकाश पुंज के रूप में देखेगी। वैश्य, सामान्यतः राजनैतिक गतिविधियों में रूचि नहीं लेते हैं। किन्तु उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व० श्री चन्द्रभानु गुप्त ने एक कुशल राजनीतिज्ञ रूप में एक अमिट छाप छोड़ी। वर्तमान में केन्द्रीय मंत्री सी० ए० पीयूष गोयल ने ऊर्जा मंत्री के रूप में देश में विद्युत एवं कोयला क्षेत्र में सदा रहने वाली कमी को समाप्त कर दिया। वे अब रेलवे मंत्री के रूप में भी नये आयाम स्थापित करने वाले हैं। केन्द्रीय मंत्री मंडल में डॉ० हर्षवर्धन एक सफल व्यक्तित्व के रूप में उभरे हैं।